धर्म की हानि होने पर पृथ्वी पर अवतार लेते हैं भगवान: मुकंद हरि

जागरणसंवाददाता,गोहाना:कथावाचकमुकंदहरिमहाराजनेकहाकिजब-जबधर्मकीहानिहोतीहै,भगवानकिसीनकिसीरूपमेंपृथ्वीपरअवतारलेकरदुष्टोंकानाशकरअपनेभक्तोंकीरक्षाकरतेहैं।भगवानपरश्रद्धाऔरविश्वासरखनेवालाव्यक्तिकभीदु:खीनहींरहसकता।वहमुख्यबाजारस्थितबाबानागाशिवमंदिरमेंआयोजितश्रीमछ्वागवतकथामेंचौथेदिनश्रद्धालुओंकोप्रवचनदेरहेथे।

मुकंदहरिमहाराजनेकहाकिरावणकेसंहारकेलिएरामऔरकंसकेसंहारकेलिएकृष्णकेरूपमेंभगवानपृथ्वीपरअवतरितहुए।जीवनमेंकितनेभीदु:खहों,भगवानकीकथावलीलाकाध्यानलगानेसेसुखमिलताहै।उन्होंनेकहाकिजोसबकामानकरताहै,अपनेमानकाअभिमानतजदेताहै,वहभगवानकेसमानबनजाताहै।कथाकाआयोजनमंदिरकीमहिलामंडलीऔरऔरप्राइमलाइफसेवासंस्थानद्वाराकियाजारहाहै।

इसमौकेपरनगरपार्षदअंजुकालड़ा,डॉ.एसएनगुप्ता,राजेशचौटाला,रामधनभारतीय,आजाद¨सह,भगवानदास,बनारसीदास,पुरुषोतममंगल,खेमचंद¨सधवानी,संजयमेहंदीरता,सुरेंद्रकालड़ा,सतीशगोयल,सरोजगोयल,सरिताआदिमौजूदरहे।