जानें क्या है साइलेज पैकिंग मशीन, जिससे झारखंड के किसानों की आय दोगुनी हुई

गढ़वा,जागरणसंवाददाता।प्रखंडमेंसाइलेजहराचारापैकिंगमशीनकीस्थापनासेकिसानऔरपशुपालकोंकेआर्थिकसमृद्धिकेद्वारखुलनेलगेहै।मड़वनियागांवनिवासीअभिनवकिशोरतीनवर्षपूर्वझारखंडप्रदेशके24सदस्यीयकिसानोंकेदलकेसाथइजरायलगएथे।वहांसाइलेजनिर्माणकीविधिकोनजदीकसेदेखनेकेबादगांवआकरसाइलेजपैकिंगमशीनकीस्थापनाकी।उक्तमशीनको25लाखरुपयाखर्चकरचाइनासेमंगायागयाहै।

झारखंडकेपहलासाइलेजपैकिंगमशीन

मड़वनियागांवमेंस्थापितहोनेवालायहझारखंडकापहलासाइलेजपैंकिंगमशीनथा।इलेक्ट्रिकलइंजीनियरकीपांचवर्षोंतकविभिन्नकंपनियोंमेंसेवादेनेकेबादअभिनवइलाकेकेकिसानऔरपशुपालकोंकीदशाऔरदिशासुधारनेकेउद्देश्यसेअपनेघरलौटआएंहैंतथागांवमेंहीइसव्यवसायसेजुड़करकामकररहेहैं।वहगांव-गांवजाकरकिसानोंकोअपनीखालीपड़ीजमीनोंमेंमक्काकीखेतीकरनेऔरदानाकेसाथसाथडंठलबेचकरअपनीआयदोगुनीकरनेकेलिएप्रेरितकरनेलगे।

पति-पत्नीकेसहयोगसेदोगुनीहुईकिसानोंकीआमदनी

बतातेचलेकिअभिनवकीपत्नीअंशुसिंहभीइलेक्ट्रिकलइंजीनियरकीनौकरीछोड़करपाकुड़मेंडेयरीव्यवसायसेजुड़ीहुईहै।सिंहदंपतिग्रामीणोंकोगरीबीसेबाहरनिकालनेकेलिएगोपालनऔरदुग्धव्यवसायकोसबसेअच्छारास्तामानतेहै।अभिनवनेबतायाकिकिसानयदिएकएकड़मेंखेतीकरमक्काकाडंठलबेचतेहैतोउन्हें50हजाररुपयाकाशुद्धआमदनीहोगी।इनकीप्रेरणासेकिसानोंनेमक्काकीखेतीकरनाशुरूकरदिया।उन्होंनेबतायाकिवहढ़ाईरुपयेप्रतिकिलोग्रामकीदरसेसीधेकिसानोंसेडंठलखरीदतेहैतथामशीनमेंप्रोसेसिंगकेबादउसेछहरुपएकिलोबिक्रीकरतेहै।

हराचारेकीसमस्याखत्महुइ

उनकेयहांकासाइलेजपटना,गया,हजारीबाग,रांची,बोकारो,जमशेदपुरऔरलातेहारकेडेयरीफार्मोमेंभेजाजाताहै।पहलेयहीसाइलेजपशुओंकोखिलानेकेलिएपंजाबऔरहरियाणासेअपनेराज्यमेंमंगायाजाताथा।उल्लेखनीयहैकिकुछवर्षपूर्वभागोडीहगांवमेंगव्यविकासविभागकीओरसेहराचारालगानेकेलिएस्थलकाचयनकियागयाथा।लेकिनग्रिडनिर्माणऔरकुछग्रामीणोंकेविरोधकेकारणयहमहत्वपूर्णयोजनाठंडेबस्तेमेंचलागया।

हराचाराकोसंरक्षितकरनेकीप्रक्रियाहैसाइलेज

अभिनवनेबतायाकिहराचाराकोलंबेसमयतकसंरक्षितकरनेकीप्रक्रियाहीसाइलेजहै।यहपशुओंकेलिएरेडीटूइटकेसमानहै।इसेसालभरपशुओकोखिलायाजासकताहै।इसकेसेवनसेपशुओमेंरोगप्रतिरोधकक्षमतामेंवृद्धिहोतीहै।साथहीदूधकाफैटऔरएसएनएफबढ़ताहै।जिससेपशुपालकोंकोबाजारमेंदूधकीअच्छीकीमतमिलतीहै।उन्होंनेबतायाकिसाइलेजपैंकिंगकाकामशुरूहोनेपर25लोगोंकोनियमितरोजगारमिलरहाहै।साथहीलगभगएकसौकिसानउनसेजुड़करअपनीआयदोगुनीकररहेहै।

क्याकहतेहैंकिसान

पहलीबारअपनी35कट्ठाजमीनपरमक्काकीखेतीकीथी।डंठलबेचकरउन्होंने50हजाररुपयाकामुनाफाकमायाथा।जबकिदानाबेचनेपरमहज10से15हजाररुपयेकीहीआमदनीहुईथी।साइलेजपैकिंगमशीनकीस्थापनासेउनकेजैसेकईकिसानोंकीआमदनीदोगुनीहुईहै।

राजीवकुमारमेहता,मड़वनिया,रमना

ढ़ाईबीघाखेतमेंमकईकाफसललगायाथा।जिससेउन्हें42हजाररुपयेकीआमदनीहुईथी।इसलिएवहबराबरठंडकेदिनोंमेंमकईकीखेतीकरतेहै।मक्काकीखेतीकेलिएबीज,खादभीसमयपरउपलब्धकरादियाजाताहै।

बबलूमेहता,मड़वनिया,रमना