कमाई नहीं, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद, दिल्ली के ग्रामीणों ने बिजली बिल माफ करने की मांग की

नयीदिल्ली,दोमई(भाषा)राष्ट्रीयराजधानीकेगांवोंनेदिल्लीसरकारसेअपीलकीहैकिकोरोनावायरसलॉकडाउनकेचलतेकरीबडेढ़महीनेसेवाणिज्यिकगतिविधियांबंदहैंऔरकमाईहोनहींरहीहै,इसलिएउन्हेंबिजलीकाबिलभरनेसेराहतदीजाए।कुछगांवसंघोंनेमुख्यमंत्रीअरविंदकेजरीवालसहितअधिकारियोंकोलिखेपत्रमेंवाणिज्यिकप्रतिष्ठानोंकेबिजलीबिलोंकोवापसलेनेऔरगांवोंमेंतथाआसपासकीआवासीयइकाइयोंकेलिएअतिरिक्तसब्सिडीदिएजानेकीमांगकीहै।दिल्लीग्रामीणसमाजकेसचिवअनिलज्ञानचंदानीनेकहा,‘‘राष्ट्रव्यापीबंदकेबादसेसभीवाणिज्यिकप्रतिष्ठानबंदहैं।आवासीयइकाइयोंसेआयभीकमहोगईहैक्योंकिसरकारनेमकानमालिकोंसेकहाहैकिवेकिरायेदारोंसेकिरायालेनेसेपरहेजकरें।’’शाहपुरजटसोसायटीनेमुख्यमंत्रीकोलिखेपत्रमेंकहाकिदिल्लीमेंलगभगसभीव्यावसायिकइकाइयांबंदहैं,फिरभीबिजलीकंपनियांशाहपुरजट,मुनिरका,बेरसराय,किशनगढ़,महरौलीऔरदूसरेस्थानोंकेनिवासियोंकोबिलभेजरहीहैं।पत्रमेंलिखाहै,‘‘एकमहीनेसेअधिकसमयसेबिजलीकीखपतनहींहोनेपरभीबिजलीकंपनियोंकोबिलभेजनेकीअनुमतिकैसेदीजासकतीहै?सच्चाईयहहैकियेइकाइयांकोईभीकारोबारकरनेमेंसक्षमनहींहैंऔरइसलिएउन्हेंलॉकडाउनअवधिकेलिएबिजलीबिलकाचुकानेकेलिएमजबूरनहींकरनाचाहिए।’’सोसायटीनेकहा,‘‘इसपत्रकेजरियेहमबंदकीअवधिकेलिएवाणिज्यिकइकाइयोंकेबिजलीबिलोंकोपूरीतरहसेवापसलेनेकीमांगकरतेहैं।’’सोसायटीकेकार्यकारीसदस्यअमनपंवारनेकहा,‘‘एकतरफसरकारहमसेकिरायानहींमांगनेकेलिएकहरहीहैऔरदूसरीतरफहमेंएसएमएसकेजरियेवाणिज्यिकऔरआवासीयइकाइयोंकेलिएबिजलीबिलमिलरहेहैं।’’सोसायटीकेसंयुक्तसचिवसुरेंद्रशाहपुरियानेकहाकिपहलेज्यादातरगांवआजीविकाकेलिएकृषिपरनिर्भरथे,लेकिन1960और1970केदशकमेंदिल्लीमेंबड़ेपैमानेपरभूमिअधिग्रहणकेबादअधिकांशग्रामीणआमदनीकेलिएकिरायेपरनिर्भरहोगए।बंदकेदौरानग्रामीणकीकिरायाआयपरअसरपड़ाहै।शाहपुरजटसोसायटीनेबंदकेदौरानबिजलीकेबिलजारीनहींकरनेकीमांगकीहै।